जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियां, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता और प्रौद्योगिकी सहयोग जैसे विषय अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में बने हुए हैं। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है और रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सहयोग का विस्तार हुआ है। जी7 सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, आर्थिक सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर भी विचार साझा किए। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने कई महत्वपूर्ण समझौतों और साझेदारी पहलों के माध्यम से अपने संबंधों को नई दिशा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक शक्ति संतुलन और आर्थिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक व्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को व्यापक अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में भी देखा जा रहा है। विदेश नीति विश्लेषकों का कहना है कि जी7 जैसे मंचों पर होने वाली द्विपक्षीय बैठकों से देशों को साझा हितों और चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों में निरंतर संवाद और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। आने वाले समय में इस बैठक के परिणामस्वरूप व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग से जुड़े नए कदमों पर भी नजर बनी रहेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-06-17 16:21:53