G7 में मोदी-कार्नी मुलाकात के बाद भारत-कनाडा के बीच खुफिया सूचना साझाकरण समझौते पर बातचीत शुरू

G7 में मोदी-कार्नी मुलाकात के बाद भारत-कनाडा के बीच खुफिया सूचना साझाकरण समझौते पर बातचीत शुरू

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद भारत और कनाडा ने खुफिया सूचना साझाकरण समझौते पर बातचीत शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों के कारण चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे थे, लेकिन हालिया वार्ता को द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित खुफिया सूचना साझाकरण व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों, संगठित अपराध, साइबर खतरों और सीमा पार गतिविधियों से जुड़े मामलों में दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। जी7 सम्मेलन के इतर हुई बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों की संभावनाओं पर विचार किया। भारत और कनाडा के बीच व्यापार, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में कुछ राजनीतिक और कूटनीतिक विवादों के कारण दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखने को मिला था। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा और खुफिया सहयोग पर नई बातचीत दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। भारत लंबे समय से आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता रहा है, जबकि कनाडा भी राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर विभिन्न साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। विदेश नीति विश्लेषकों के अनुसार यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वय को नई मजबूती मिल सकती है। इसके साथ ही यह पहल व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को भी सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से वार्ता की रूपरेखा और संभावित समझौते के विवरण पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि जी7 सम्मेलन के दौरान हुई यह पहल भारत-कनाडा संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।

by Dainikshamtak on | 2026-06-17 16:01:55

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