भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार BSE Sensex 600 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि NIFTY 50 23,500 के स्तर के नीचे फिसल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कई कारण बाजार पर दबाव बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखी गई। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और ईंधन कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि महंगाई और व्यापार घाटे दोनों पर असर डाल सकती है, जिसका प्रभाव शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है। रिपोर्ट्स के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी हाल के सत्रों में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये की कमजोरी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ी हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में गिरावट अवसर भी बन सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक घरेलू निवेशकों की भागीदारी अब भी मजबूत बनी हुई है, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फिलहाल शुरुआती कारोबार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-20 16:56:57