United States ने भारत के लिए Apache अटैक हेलिकॉप्टरों की follow-on support sale को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस रक्षा सौदे की अनुमानित कीमत लगभग 198.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भारतीय सशस्त्र बलों के पास मौजूद Apache हेलिकॉप्टर बेड़े की परिचालन क्षमता और रखरखाव समर्थन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पैकेज में तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव सेवाएं शामिल हो सकती हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि Apache AH-64E दुनिया के सबसे उन्नत अटैक हेलिकॉप्टरों में गिने जाते हैं, जिनका उपयोग दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, जमीनी लक्ष्यों और सामरिक अभियानों में किया जाता है। भारत ने पहले भी अमेरिका से Apache हेलिकॉप्टर खरीदे हैं और इन्हें भारतीय वायुसेना तथा थलसेना की महत्वपूर्ण आक्रामक क्षमता माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका की रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने इस संभावित सौदे को मंजूरी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ा है, जिसमें उन्नत हथियार प्रणालियां, ड्रोन, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी शामिल हैं। रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दे रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन के साथ-साथ आधुनिक विदेशी रक्षा प्रणालियों के अधिग्रहण की रणनीति भी अपनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Apache हेलिकॉप्टर भारतीय सेना की सीमा सुरक्षा, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों और सामरिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह follow-on support deal भारत के मौजूदा हेलिकॉप्टर बेड़े की दीर्घकालिक संचालन क्षमता सुनिश्चित करने में मदद करेगी। भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को अब दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ माना जाता है और यह समझौता उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-20 16:58:41