उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को अब और विस्तार देने की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को करीब 140 किलोमीटर तक आगे बढ़ाकर मेरठ से सीधे हरिद्वार तक जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि यह योजना मंजूर होती है तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा तथा धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बड़ा लाभ मिल सकता है। वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक विकसित किया जा रहा है और इसे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में गिना जाता है। अब प्रस्तावित विस्तार के तहत इस हाईवे को उत्तराखंड सीमा तक ले जाकर हरिद्वार से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इससे दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना औद्योगिक परिवहन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर तेजी से काम कर रही है और राज्य में कई बड़े हाईवे नेटवर्क विकसित किए जा रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे को राज्य के आर्थिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जो औद्योगिक निवेश और नए रोजगार अवसरों को बढ़ावा दे सकता है। प्रस्तावित विस्तार को लेकर तकनीकी अध्ययन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर काम किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो आने वाले वर्षों में मेरठ से हरिद्वार तक हाई-स्पीड सड़क यात्रा संभव हो सकेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-05-09 17:22:15