Reserve Bank of India ने पिछले छह महीनों में लगभग 104 टन सोना भारत वापस स्थानांतरित किया है। इस कदम के बाद देश के भीतर रखे गए कुल स्वर्ण भंडार का हिस्सा बढ़कर करीब 77 प्रतिशत हो गया है।
यह निर्णय भारत की विदेशी मुद्रा प्रबंधन रणनीति और भंडार विविधीकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक समय-समय पर अपने स्वर्ण भंडार के स्थान और संरचना को संतुलित करता है, ताकि आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, देश के भीतर अधिक सोना रखने से आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी उपलब्धता और नियंत्रण बेहतर रहता है। साथ ही, यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक सतर्क नीति का संकेत भी माना जा रहा है।
भारत के स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा पहले विदेशी बैंकों में सुरक्षित रखा जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में इसे धीरे-धीरे देश में स्थानांतरित करने की प्रवृत्ति देखी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की पहलें आर्थिक संप्रभुता को मजबूत करती हैं और केंद्रीय बैंक को अपने संसाधनों पर अधिक नियंत्रण प्रदान करती हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-05-01 17:00:32