रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इटली के समकक्ष गुइडो क्रोसेट्टो के साथ द्विपक्षीय बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि पाकिस्तान को संवेदनशील रक्षा तकनीक साझा न करें। पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन का हवाला देते हुए भारत ने इटली के साथ अगली पीढ़ी के हथियार प्रणालियों के सह-विकास और उत्पादन के द्वार खोले। इटली ने आश्वासन दिया कि भारत को दी जाने वाली प्रमुख तकनीकें अन्य देशों के साथ साझा नहीं होंगी। यह बातचीत 30 अप्रैल 2026 को मनेकशॉ सेंटर में हुई।
भारत ने इटली के पिछले पाकिस्तान को हेलीकॉप्टर, ड्रोन, सरफेस-टू-एयर मिसाइल और नौसैनिक उपकरणों की आपूर्ति का जिक्र किया। आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत दोनों देश रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाएंगे। 2026-27 के लिए सैन्य सहयोग योजना पर हस्ताक्षर। पश्चिम एशिया की स्थिति, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और सूचना साझा करने पर चर्चा। भारत इटली को महत्वपूर्ण साझेदार मानता।
राजनाथ ने X पर कहा कि दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी की समीक्षा की। इटली भारत में सह-उत्पादन के लिए उत्सुक। यह कदम भारत की रणनीतिक चिंताओं को दर्शाता। पाकिस्तान को तकनीक हस्तांतरण क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित करेगा। भारत-इटली रक्षा संबंध मजबूत।
by Dainikshamtak on | 2026-05-01 16:46:56