कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में पासपोर्ट विवाद मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, "मुझे गिरफ्तारी से अपमानित करने की कोई जरूरत नहीं है।" यह बयान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भuyan सरमा के खिलाफ उनके कथित मानहानिकारक बयानों से जुड़ा मामला है। खेड़ा ने 4 अप्रैल 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रिनिकी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशी संपत्ति का निर्वाचन हलफनामे में खुलासा नहीं किया। असम पुलिस ने IPC की धारा 499 (मानहानि), जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की।
जस्टिस जेके माहेश्वरी और एएस चंदूरकर की बेंच ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि यह केवल मानहानि का मामला है, हिरासत की जरूरत नहीं। कुछ धाराएं जमानती हैं। असम सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि खेड़ा ने "नकली और छेड़छाड़ वाले" पासपोर्ट दस्तावेज दिखाए, बहु-नागरिकता का दावा झूठा। जांच के लिए हिरासत जरूरी। खेड़ा ने कहा कि अगर अग्रिम जमानत न मिली तो ट्रांजिट बेल का उद्देश्य विफल।
गौहाटी हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल को जमानत याचिका खारिज कर दी। तेलंगाना HC के ट्रांजिट बेल पर SC ने 15 अप्रैल को स्टे लगा दिया, "फोरम शॉपिंग" का आरोप लगाया। खेड़ा ने कहा कि असम कोर्ट में ई-फाइलिंग न होने से दिक्कत। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। असम चुनाव से जुड़ा मामला। SC का फैसला खेड़ा की गिरफ्तारी तय करेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-01 16:45:11