भारत सरकार ने निजी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक ₹1 लाख करोड़ के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड को औपचारिक मंजूरी दे दी। यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर निजी कंपनियों को R&D के लिए कम ब्याज या शून्य ब्याज पर फंडिंग उपलब्ध होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) नोडल एजेंसी बनेगा, जबकि अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) कार्यान्वयन करेगा। दो-स्तरीय संरचना में ANRF के तहत विशेष प्रयोजन निधि (SPF) बनेगी, जो AIF, DFI और NBFC जैसे फंड मैनेजरों को धन देगी। ये मैनेजर स्टार्टअप्स, MSMEs को लंबी अवधि के ऋण या इक्विटी देंगें।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2025 में योजना को हरी झंडी दी। नवंबर 2025 में PM मोदी ने ESTIC 2025 में लॉन्च किया। ANRF कार्यकारी परिषद ने SPF स्थापना, दिशानिर्देश और शासन ढांचे को मंजूर किया। निवेश समिति स्वतंत्र रहेगी। प्रधानमंत्री की गवर्निंग बोर्ड, कैबिनेट सचिव की EGoS योजना की निगरानी करेगी। उभरते क्षेत्र जैसे AI, डीपटेक, बायोटेक, क्वांटम पर फोकस। निजी क्षेत्र का R&D खर्च GDP का 0.7% से बढ़ाकर 2% करने का लक्ष्य।
यह 'विकसित भारत' विजन का हिस्सा। स्टार्टअप्स को सशक्त बनाएगा, वैश्विक नवाचार हब बनेगा। SPF सीधे निवेश नहीं करेगा, फंड मैनेजर चुनेंगे। पारदर्शिता और व्यावसायिक निर्णय सुनिश्चित। 2030 तक भारत R&D में शीर्ष होगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-01 16:42:23