कर्नाटक कार्यक्रम निमंत्रण में उर्दू उपयोग पर विवाद, भाजपा का आरोप

कर्नाटक कार्यक्रम निमंत्रण में उर्दू उपयोग पर विवाद, भाजपा का आरोप

कर्नाटक सरकार के एक आधिकारिक कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में उर्दू भाषा के उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे तुष्टिकरण करार देते हुए राज्य सरकार पर राजनीतिक उद्देश्य से भाषा चयन करने का आरोप लगाया है। विवाद उस समय सामने आया जब कार्यक्रम के निमंत्रण में कन्नड़ और अंग्रेजी के साथ उर्दू भाषा का भी प्रयोग किया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में भाषा चयन संवैधानिक और प्रशासनिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए। वहीं राज्य सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उर्दू राज्य में मान्यता प्राप्त भाषाओं में शामिल है और विभिन्न समुदायों तक संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से बहुभाषी निमंत्रण जारी किया गया। कर्नाटक में कन्नड़ आधिकारिक भाषा है, लेकिन राज्य में उर्दू बोलने वाली आबादी भी उल्लेखनीय है। भाषा को लेकर राजनीतिक विवाद समय-समय पर विभिन्न राज्यों में सामने आते रहे हैं, जहां प्रशासनिक दस्तावेजों और सार्वजनिक संचार में प्रयुक्त भाषाओं को लेकर बहस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बहुभाषी समाज में सरकारी संचार का उद्देश्य व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना होता है। हालांकि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है। मामले को लेकर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। 

by Dainikshamtak on | 2026-02-26 23:32:32

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