प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा से पहले कनाडा ने संकेत दिया है कि उसके क्षेत्र में हुए हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं पाया गया है। यह बयान दोनों देशों के बीच हाल के समय में उत्पन्न तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कनाडाई अधिकारियों ने कहा कि उपलब्ध जांच के आधार पर भारत की किसी भी प्रत्यक्ष संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां मामलों की जांच जारी रखेंगी और आवश्यक होने पर अद्यतन जानकारी साझा की जाएगी। भारत और कनाडा के संबंध हाल के महीनों में कूटनीतिक स्तर पर चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। ऐसे में यह संकेत संभावित उच्च स्तरीय वार्ता से पहले माहौल को स्थिर करने की दिशा में देखा जा रहा है। दोनों देश व्यापार, शिक्षा, प्रवासी समुदाय और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग करते रहे हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्संतुलित करने और संवाद को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधिकारिक स्तर पर स्पष्टता से कूटनीतिक संवाद को सकारात्मक दिशा मिल सकती है। कनाडा की ओर से दिए गए संकेत को जांच प्रक्रिया के वर्तमान निष्कर्षों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आगे की प्रगति संबंधित एजेंसियों और राजनयिक चैनलों के माध्यम से तय होगी।
by Dainikshamtak on | 2026-02-26 23:18:40