प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 फरवरी 2026 को इजरायल संसद (केनेसेट) के स्पीकर अमीर ओहाना ने 'स्पीकर ऑफ द केनेसेट मेडल' से सम्मानित किया। यह इजरायल संसद का सर्वोच्च सम्मान है और मोदी पहले विश्व नेता हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला। भाषण के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भारत-इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व की मान्यता है।
मोदी ने इसे विनम्रता से स्वीकार किया। उन्होंने X पर लिखा, "मैं केनेसेट मेडल पाकर अत्यंत सम्मानित हूं। यह सम्मान व्यक्ति को नहीं बल्कि भारत-इजरायल की सदा बनी मित्रता को समर्पित है।" यह दूसरी बार है जब मोदी को इजरायल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान मिला। 2018 में उन्हें फिलिस्तीन का ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट मिला था। 2017 के पहले दौरे के बाद संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला था।
25-26 फरवरी के इस दौरे में मोदी ने राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और PM बेंजामिन नेतन्याहू से भेंट की। रक्षा MoU, जल प्रबंधन, कृषि, तकनीक पर समझौते हुए। मोदी ने केनेसेट में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और गाजा शांति पहल का समर्थन किया। भाषण के अंत में "जय हिंद" से समापन किया। नेतन्याहू ने "आयरन अलायंस" का उल्लेख किया।
यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक कद-काठी दर्शाता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, नवाचार सहयोग बढ़ेगा। इजरायल ने मोदी को तेल अवीव हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल। BJP ने इसे राष्ट्र गौरव का क्षण बताया। यह कूटनीतिक सफलता का प्रतीक है। मोदी अब तक कई देशों से उच्चतम सम्मान प्राप्त कर चुके। भारत-इजरायल मित्रता नई ऊंचाई पर।
by Dainikshamtak on | 2026-02-26 18:56:31