पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को नंगल डैम और लोहंड कंट्रोल रूम से तत्काल हटाने का आदेश दिया। यह आदेश भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की याचिका पर दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाब सरकार ने 1 मई को डैम का संचालन जबरन अपने नियंत्रण में ले लिया और हरियाणा को पानी की आपूर्ति रोक दी।
मुख्य न्यायाधीश शील नागु और न्यायमूर्ति सुमीत गोयल की पीठ ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस BBMB के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस की तैनाती की जा सकती है, लेकिन संचालन और प्रबंधन में बाधा डालना अस्वीकार्य है।
BBMB ने अदालत को बताया कि 30 अप्रैल को हुई बैठक में हरियाणा को 8,500 क्यूसेक पानी देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन पंजाब ने इसका विरोध किया और पुलिस बल का उपयोग करके पानी की आपूर्ति रोक दी। पंजाब सरकार ने दावा किया कि हरियाणा ने पहले ही अपने आवंटित हिस्से से अधिक पानी उपयोग कर लिया है और वर्तमान में केवल 4,000 क्यूसेक पानी "मानवीय आधार" पर दिया जा रहा है।
अदालत ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि यदि वह BBMB के किसी निर्णय से असहमत है, तो वह केंद्र सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकती है, लेकिन बलपूर्वक कार्रवाई नहीं कर सकती। अदालत ने यह भी टिप्पणी की, "हम यह अपने शत्रु देश के साथ करते हैं, अपने राज्यों के भीतर ऐसा न करें।"
इस आदेश के बाद, पंजाब सरकार को नंगल डैम से अपने पुलिस बल को हटाना होगा और BBMB को उसके संचालन में स्वतंत्रता देनी होगी। यह निर्णय राज्यों के बीच जल विवादों को सुलझाने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2025-05-07 13:44:29