केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu ने घोषणा की है कि Varanasi अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए ‘ईज़ी कनेक्ट’ मॉडल के तहत देश का पहला शहर बन गया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, ट्रांजिट प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रा अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाना है। सरकार का मानना है कि इस मॉडल के माध्यम से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स के दौरान कम समय, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर हवाई अड्डा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। वाराणसी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से भारत के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में गिना जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार ‘ईज़ी कनेक्ट’ मॉडल के तहत यात्रियों को इमिग्रेशन, बैगेज ट्रांसफर और ट्रांजिट संबंधी प्रक्रियाओं में अधिक सुगमता प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत के विभिन्न शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय देश में हवाई यात्रा अवसंरचना को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी को इस मॉडल के लिए चुना जाना शहर के बढ़ते वैश्विक महत्व और पर्यटन क्षमता को दर्शाता है। इसके साथ ही यह पहल भारत को एक बेहतर एविएशन हब के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। हवाई यात्रा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरल और तेज ट्रांजिट प्रणाली अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य प्रमुख भारतीय शहरों में भी लागू किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य देश में आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल विमानन व्यवस्था विकसित करना है। वाराणसी का चयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग और रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-10 15:27:21