भारत ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ रुपये का राफेल प्रस्ताव भेजा, 94 विमान देश में बनने की तैयारी

भारत ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ रुपये का राफेल प्रस्ताव भेजा, 94 विमान देश में बनने की तैयारी

भारत ने फ्रांस के साथ अपने सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक को आगे बढ़ाते हुए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। इस सौदे का मूल्य लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताया जा रहा है और इसमें सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित विमानों में से 94 भारत में ही बनाए जाने की योजना है। यह कदम न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को भी नई गति दे सकता है। प्रस्ताव के अनुसार फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन भारतीय साझेदार के साथ मिलकर इन विमानों का निर्माण करेगी, जबकि कुछ विमान तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार अवस्था में भी खरीदे जा सकते हैं। इस सौदे को भारत के रक्षा आधुनिकीकरण, वायु शक्ति के विस्तार और सीमावर्ती सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। वायुसेना लंबे समय से आधुनिक मल्टीरोल फाइटर विमानों की जरूरत पर जोर देती रही है, और राफेल की नई खेप इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है। 94 विमानों का भारत में निर्माण होने से घरेलू एयरोस्पेस उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही रोजगार, तकनीकी हस्तांतरण और आपूर्ति श्रृंखला विकास के नए अवसर भी खुलेंगे। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा खरीद में स्थानीय निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है और विदेशी साझेदारियों को मेक इन इंडिया ढांचे से जोड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े सैन्य विमानों की खरीद सौदों में से एक होगा। इससे भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और फ्रांस के साथ रणनीतिक रक्षा सहयोग भी और गहरा होगा। आने वाले चरणों में अब मूल्य, तकनीकी हस्तांतरण, उत्पादन हिस्सेदारी और समयसीमा जैसे मुद्दों पर अंतिम बातचीत महत्वपूर्ण होगी।


by Dainikshamtak on | 2026-06-02 08:17:00

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