तेलंगाना सरकार मुसी नदी किनारे 700 करोड़ का ‘दक्षिण काशी’ परिसर विकसित करेगी

तेलंगाना सरकार मुसी नदी किनारे 700 करोड़ का ‘दक्षिण काशी’ परिसर विकसित करेगी

Telangana सरकार ने हैदराबाद में मुसी नदी तट के किनारे लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से “दक्षिण काशी” मंदिर परिसर विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। प्रस्तावित परियोजना को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास के बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य नदी तट क्षेत्र का पुनर्विकास करना और इसे प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित “दक्षिण काशी” परिसर में मंदिर, घाट, सांस्कृतिक केंद्र, सार्वजनिक सुविधाएं और पर्यटन से जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल हो सकता है। परियोजना को Hyderabad के शहरी पुनर्विकास और नदी तट सौंदर्यीकरण योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि विस्तृत डिजाइन और अंतिम परियोजना स्वरूप को लेकर आगे की घोषणाओं का इंतजार है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कई राज्यों में धार्मिक पर्यटन को आर्थिक और सांस्कृतिक विकास रणनीति के हिस्से के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़े मंदिर परिसरों और नदी तट विकास परियोजनाओं को स्थानीय रोजगार, पर्यटन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर देखा जाता है। Telangana सरकार भी हाल के वर्षों में पर्यटन और सांस्कृतिक परियोजनाओं पर विशेष जोर देती रही है।

मुसी नदी Hyderabad के ऐतिहासिक और शहरी विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है। हालांकि वर्षों से प्रदूषण और अव्यवस्थित शहरी विस्तार के कारण नदी पुनर्जीवन को लेकर कई योजनाएं चर्चा में रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि नदी तट विकास परियोजनाओं की सफलता काफी हद तक पर्यावरणीय प्रबंधन और दीर्घकालिक रखरखाव पर निर्भर करेगी।

धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। समर्थकों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को मजबूत करती हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ यह सवाल उठाते हैं कि बड़े सार्वजनिक निवेश के साथ पर्यावरणीय और शहरी नियोजन पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना जरूरी है।

शहरी विकास विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परियोजना को व्यापक नदी पुनर्जीवन, सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरणीय सुधारों के साथ जोड़ा जाता है, तो इससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन दोनों को लाभ मिल सकता है। हालांकि बड़े पैमाने की ऐसी परियोजनाओं में भूमि, वित्तीय प्रबंधन और निष्पादन समयसीमा जैसी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण होती हैं।

फिलहाल प्रस्तावित “दक्षिण काशी” मंदिर परिसर को लेकर प्रशासनिक और योजना संबंधी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। आने वाले समय में परियोजना की विस्तृत रूपरेखा और निर्माण चरणों को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।

by Dainikshamtak on | 2026-05-11 16:22:05

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