India और United Arab Emirates ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2032 तक दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है।
दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत व्यापारिक संबंध हैं, जिनमें ऊर्जा, रत्न-आभूषण, खाद्य उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हाल के वर्षों में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल व्यापार को और मजबूत करना होगा। साथ ही, नए क्षेत्रों जैसे तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और सेवाओं में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
यह पहल भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘वेस्ट एशिया’ नीति के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें क्षेत्रीय साझेदारियों को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है। यूएई भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में उनकी स्थिति और मजबूत होगी।
by Dainikshamtak on | 2026-05-02 17:06:43