केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग का गठन अधिसूचित कर दिया है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन संरचना की समीक्षा करेगा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि सरकार के पास वर्तमान में महंगाई भत्ता (डीए) को मूल वेतन के साथ जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वर्तमान में डीए और डीआर क्रमशः मूल वेतन और पेंशन का 55 प्रतिशत है, जिसे हाल ही में दिवाली से पहले 3 प्रतिशत बढ़ाकर 55 प्रतिशत किया गया है। 8वें वेतन आयोग का उद्देश्य वेतन संरचना में सुधार लाना, आर्थिक स्थितियों का विश्लेषण करते हुए कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करना है। आयोग की सिफारिशों को 18 माह के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा और संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। यह 10 वर्षों की अवधि पूरी करने के बाद नया आयोग है जो 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा। आयोग के गठन से लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे क्योंकि वेतन, भत्ते और पेंशन में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। सरकार ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) को भी मंजूरी दी है, जो आयोग की प्राथमिकताओं को निर्धारित करेगा। हालांकि डीए के बेसिक वेतन में विलय पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन यह मामला भविष्य में समीक्षा के लिए खुला है।
by Dainikshamtak on | 2025-12-02 12:57:10