प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Nikos Christodoulides के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की, जिसके बाद भारत और Cyprus ने अपने संबंधों को आधिकारिक रूप से “Strategic Partnership” के स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल भुगतान, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत की भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोप के साथ बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग, फिनटेक, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। हाल ही में भारत की UPI डिजिटल भुगतान प्रणाली को साइप्रस में शुरू करने की दिशा में भी प्रगति की घोषणा की गई थी, जिसे भारत की डिजिटल कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि साइप्रस यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति रखता है, इसलिए भारत के लिए यह साझेदारी रणनीतिक रूप से भी अहम हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत हाल के वर्षों में यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को तेजी से मजबूत कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडिस ने वैश्विक स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप से दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापारिक अवसरों में वृद्धि हो सकती है।
हाल के वर्षों में भारत ने यूरोप, मध्य पूर्व और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों में बहुआयामी कूटनीतिक संबंधों का विस्तार किया है। विश्लेषकों का मानना है कि साइप्रस के साथ संबंधों को “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक ले जाना भारत की वैश्विक कूटनीतिक पहुंच और आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।
यह बैठक भारत-साइप्रस संबंधों के लिए एक नए चरण की शुरुआत मानी जा रही है, जिससे भविष्य में रक्षा, डिजिटल तकनीक और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-05-23 15:33:17