प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Netherlands में भारत की डिजिटल प्रगति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “धरती और चांद के बीच की दूरी की कल्पना कीजिए। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में उससे 11 गुना अधिक लंबाई के ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए हैं।” रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी विस्तार को रेखांकित करते हुए की। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल परिवर्तन अभियानों में से एक चला रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए बड़े पैमाने पर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क विकसित किया गया है। भारतनेट जैसी परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को इंटरनेट से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि इसी के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट, डेटा सेवाएं, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन शिक्षा जैसी सुविधाएं संचालित होती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल नवाचार और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या और डिजिटल सेवाओं का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि व्यापक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भविष्य में 5G, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल उद्योगों के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। हाल के वर्षों में भारत ने डिजिटल भुगतान, UPI, ई-गवर्नेंस और स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार आर्थिक विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और तकनीकी आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बढ़ती उपस्थिति को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-19 12:17:10