ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूक्रेन को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा है कि यदि कीव ने इजरायल को ड्रोन सहायता प्रदान की है तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वह ईरान के लिए “वैध लक्ष्य” बन सकता है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहीम अज़ीजी ने सोशल मीडिया पर लिखते हुए आरोप लगाया कि यूक्रेन ने इजरायल को ड्रोन सहायता देकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में प्रभावी रूप से भागीदारी कर ली है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी देश पर हमला होता है तो उसे आत्मरक्षा का अधिकार प्राप्त है, और इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन का पूरा क्षेत्र अब “वैध लक्ष्य” माना जा सकता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल के दिनों में कहा था कि कई देशों ने ईरानी ड्रोन से निपटने में यूक्रेन से तकनीकी सहायता मांगी है। इसके बाद यूक्रेन ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों में विशेषज्ञ टीमों और इंटरसेप्टर ड्रोन भेजने की बात कही थी, हालांकि इस सहायता का उद्देश्य केवल रक्षा सहयोग बताया गया था।
ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि यदि यूक्रेन इजरायल के सैन्य प्रयासों को तकनीकी या ड्रोन समर्थन देता है तो इसे युद्ध में भागीदारी के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि अब तक यूक्रेन द्वारा सीधे तौर पर इजरायल को सैन्य ड्रोन उपलब्ध कराने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित कूटनीतिक और सुरक्षा प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी बयानबाजी बढ़ती है तो यह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दायरे को और व्यापक बना सकती है।
by Dainikshamtak on | 2026-03-15 19:33:18