मध्य प्रदेश में प्रस्तावित उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क परियोजना को लेकर प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने आभार व्यक्त किया है। जानकारी के अनुसार 5,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस नॉन एलिवेटेड परियोजना के लिए कुल 62 गांवों के किसानों ने भोपाल स्थित निवास पर पहुंचकर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर किसानों ने कहा कि इस सड़क परियोजना से क्षेत्र में परिवहन सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। उज्जैन और जावरा को जोड़ने वाली यह प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार ऐसी परियोजनाएं लंबी दूरी की यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। परियोजना के तहत नई सड़क का निर्माण पूरी तरह से नए मार्ग पर किया जाएगा, जिससे मौजूदा यातायात दबाव को कम करने और यात्रा समय को घटाने में मदद मिल सकती है। किसानों द्वारा व्यक्त किए गए आभार को क्षेत्रीय विकास से जुड़े प्रयासों के संदर्भ में देखा जा रहा है। किसानों ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होती है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने परियोजना के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, कृषि परिवहन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिल सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना है। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क परियोजना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में बेहतर यातायात सुविधा और विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-03-16 13:55:45