सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अंडरग्राउंड रेलवे लाइन बनेगी, पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी होगी और सुरक्षित

सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अंडरग्राउंड रेलवे लाइन बनेगी, पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी होगी और सुरक्षित

भारतीय रेलवे ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है, के माध्यम से एक नई अंडरग्राउंड रेलवे लाइन बनाने की योजना की घोषणा की है, जो देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए सुरक्षित और निर्बाध रेल संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कॉरिडोर भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यह भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला संकरा मार्ग है। अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित अंडरग्राउंड लाइन का उद्देश्य इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और किसी भी आपात या संवेदनशील स्थिति में रेल सेवाओं को बाधित होने से बचाना है। वर्तमान में इस कॉरिडोर पर निर्भरता अधिक होने के कारण सुरक्षा और संचालन से जुड़ी चुनौतियां बनी रहती हैं, जिन्हें इस परियोजना के माध्यम से कम करने का प्रयास किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत रेलवे लाइन न केवल सुरक्षा दृष्टि से बेहतर विकल्प है, बल्कि यह प्राकृतिक और मानवजनित जोखिमों को भी कम कर सकती है। इसके साथ ही यह परियोजना पूर्वोत्तर राज्यों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देने में सहायक हो सकती है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ते हैं। भारतीय रेलवे ने हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है और विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं के माध्यम से देश के दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह योजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास दोनों के लिए लाभकारी हो सकती है। आने वाले समय में इस परियोजना के विस्तृत खाके और क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी सामने आने की संभावना है, जिससे इसके प्रभाव और समयसीमा को लेकर और स्पष्टता मिल सकेगी।

by Dainikshamtak on | 2026-03-27 15:17:12

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