भारतीय स्टेट बैंक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान विशेषकर यूपीआई के बढ़ते उपयोग के बावजूद देश में प्रचलन में नकदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। State Bank of India द्वारा जारी विश्लेषण में कहा गया है कि नकदी का कुल प्रचलन ऐतिहासिक उच्च स्तर पर बना हुआ है, जबकि इसी अवधि में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के माध्यम से लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि डिजिटल भुगतान और नकदी उपयोग एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी विकल्प के बजाय समानांतर रूप से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नकदी की मांग अब भी मजबूत है, जहां डिजिटल अवसंरचना का विस्तार जारी है। इसके अलावा, त्योहारों, उपभोक्ता खर्च और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के दौरान नकदी की मांग बढ़ने की प्रवृत्ति देखी जाती है। यूपीआई ने शहरी और ऑनलाइन लेनदेन में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है, लेकिन नकदी को पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं किया है। रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक वृद्धि, उपभोग में तेजी और एहतियाती नकदी रखने की प्रवृत्ति भी नकदी प्रचलन में वृद्धि के कारक हो सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के आधार पर तैयार इस विश्लेषण में यह भी उल्लेख किया गया है कि डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार के बावजूद नकदी की उपयोगिता बनी हुई है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत जैसे बड़े और विविधतापूर्ण बाजार में भुगतान के विभिन्न माध्यम साथ-साथ विकसित हो सकते हैं। फिलहाल, रिपोर्ट ने यह रेखांकित किया है कि डिजिटल लेनदेन में तेजी के बावजूद नकदी की मांग में कमी का स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।
by Dainikshamtak on | 2026-02-17 18:31:08