राज्य वन्य प्राणी बोर्ड बैठक में संरक्षण, सह-अस्तित्व और वन्यजीव पर्यटन पर निर्देश

राज्य वन्य प्राणी बोर्ड बैठक में संरक्षण, सह-अस्तित्व और वन्यजीव पर्यटन पर निर्देश

मंत्रालय में आयोजित राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 31वीं बैठक तथा राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और वन्यजीव पर्यटन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावी संरक्षण उपायों के कारण प्रदेश में वन्यजीवों की संख्या में हुई वृद्धि को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए समन्वित रणनीति अपनाई जाए। मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को संरक्षण के महत्व और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी मिल सके। वन एवं पर्यटन विभागों को आपसी समन्वय के साथ वन्यजीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। बैठक में यह भी कहा गया कि राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के लिए अन्य राज्यों में लागू सफल मॉडलों का अध्ययन किया जाए और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों की सहायता ली जाए। अधिकारियों को वन्यजीव प्रबंधन, आवास संरक्षण और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए तकनीकी और संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाने पर भी कार्य करने के निर्देश दिए गए। स्कूली बच्चों के लिए संचालित ‘अनुभूति कार्यक्रम’ के विस्तार पर विशेष बल दिया गया, ताकि बाल्यावस्था से ही प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। बैठक में संरक्षण प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और विभागीय समन्वय को मजबूत रखा जाए। कार्यक्रम को प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

by Dainikshamtak on | 2026-02-17 18:56:49

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