ऑपरेशन सिंदूर: भारत का तीनों सेनाओं द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमला

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का तीनों सेनाओं द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमला

भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से एक गुप्त लेकिन निर्णायक सैन्य अभियान को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना—तीनों की संयुक्त रणनीति का परिणाम था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को खत्म करना था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे और हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

ऑपरेशन सिंदूर की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इसमें भारत की तीनों सेनाओं की संयुक्त भागीदारी रही। वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों ने SCALP और AASM हैमर जैसी उच्च सटीकता वाली मिसाइलों से आतंकियों के ठिकानों पर निशाना साधा। हमले में बहावलपुर, कोटली, मुरिदके और मुज़फ़्फ़राबाद में स्थित जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन के प्रशिक्षण शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। सेना के विशेष बलों ने LOC के पास लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि नौसेना ने अरब सागर में रणनीतिक गश्त बढ़ा दी, जिससे पाकिस्तान की नौसेना की कोई जवाबी कोशिश निष्फल रही।

भारतीय सेना की प्रवक्ता कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर भारत की आक्रामक परंतु नियंत्रित नीति का उदाहरण है। हम आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हैं।” उनके साथ विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भी मीडिया को संबोधित किया और ऑपरेशन की तकनीकी सफलता के बारे में जानकारी दी। दोनों अफसरों की मौजूदगी ने एक मजबूत संदेश भी दिया कि भारत में महिला सैन्य नेतृत्व अब सिर्फ प्रेरणा नहीं, वास्तविक निर्णय लेने की भूमिका में भी है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों से संपर्क स्थापित किया और भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “भारत आत्मरक्षा में विश्वास रखता है, और यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में की गई है। हम सभी राष्ट्रों से आग्रह करते हैं कि वे आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाएं।”

इस ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों में भारी तनाव पैदा हुआ है। पाकिस्तान ने भारत के कार्य को "आक्रामकता" करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, हालांकि उसका दावा है कि हमलों में नागरिकों की मौत हुई है—एक बात जिसे भारत ने सिरे से खारिज किया है। भारत ने सैटेलाइट फुटेज और पिनपॉइंट टारगेटिंग के प्रमाणों के साथ पुष्टि की है कि सभी हमले आतंकवादी ढांचे पर केंद्रित थे।

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्कि यह भारत के बदले हुए रणनीतिक सोच का प्रतीक है—जहाँ केवल सीमाओं की रक्षा नहीं, बल्कि खतरे की जड़ को समाप्त करने की नीति अपनाई जा रही है। यह ऑपरेशन आने वाले वर्षों में भारतीय विदेश और रक्षा नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आएगा।

by Dainikshamtak on | 2025-05-07 16:01:48

Related Post