शुगर ड्रिंक्स की भ्रामक मार्केटिंग पर राघव चड्ढा का सवाल, बच्चों की सेहत पर चिंता

शुगर ड्रिंक्स की भ्रामक मार्केटिंग पर राघव चड्ढा का सवाल, बच्चों की सेहत पर चिंता

सांसद Raghav Chadha ने पैकेज्ड पेय पदार्थों की मार्केटिंग को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि कई बड़ी कंपनियां फलों की आकर्षक तस्वीरों के जरिए शर्करा-युक्त ड्रिंक्स को “हेल्दी” दिखाती हैं, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार ऐसे उत्पादों का अत्यधिक सेवन खासकर बच्चों में डायबिटीज और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत सहित दुनिया भर में मीठे पेय पदार्थों की खपत और उससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों पर चर्चा तेज हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक शर्करा का सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याओं से जुड़ा होता है, विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में।

खाद्य लेबलिंग और विज्ञापन नियमों को लेकर भी लंबे समय से बहस जारी है। कुछ विशेषज्ञ स्पष्ट चेतावनी लेबल, शुगर कंटेंट की पारदर्शी जानकारी और बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर देते हैं। वहीं, उद्योग पक्ष का तर्क होता है कि उत्पादों पर पोषण संबंधी जानकारी पहले से उपलब्ध होती है और उपभोक्ताओं को जागरूक विकल्प चुनने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

इस मुद्दे ने उपभोक्ता संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और विज्ञापन नैतिकता के बीच संतुलन को लेकर एक व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। आने वाले समय में इस पर नीतिगत स्तर पर कदम उठाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

by Dainikshamtak on | 2026-03-25 17:52:11

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