Sam Altman ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा है कि आने वाले समय में एआई का उपयोग बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं की तरह हो सकता है। उनके अनुसार भविष्य में उपभोक्ताओं और कंपनियों को एआई सेवाओं के लिए निश्चित मासिक सदस्यता शुल्क के बजाय वास्तविक उपयोग के आधार पर भुगतान करना पड़ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जैसे बिजली, पानी या अन्य उपयोगिता सेवाओं के लिए मीटर आधारित बिलिंग व्यवस्था लागू होती है, उसी प्रकार एआई सेवाओं का मूल्य निर्धारण भी उपयोग की मात्रा, कंप्यूटिंग संसाधनों की खपत और कार्यभार के आधार पर किया जा सकता है। वर्तमान समय में अधिकांश एआई सेवाएं सदस्यता आधारित मॉडल पर उपलब्ध हैं, जहां उपयोगकर्ता निश्चित शुल्क देकर विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। हालांकि एआई तकनीक के तेजी से विस्तार और इसके व्यापक उपयोग को देखते हुए उद्योग में नए व्यावसायिक मॉडल विकसित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एआई भविष्य में अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता है, तो उपयोग आधारित भुगतान प्रणाली अधिक व्यावहारिक साबित हो सकती है। इससे छोटे उपयोगकर्ताओं और व्यवसायों को अपनी आवश्यकता के अनुसार सेवाओं का उपयोग करने की सुविधा मिल सकती है, जबकि बड़े संगठनों को उनकी वास्तविक खपत के अनुरूप भुगतान करना होगा। सैम ऑल्टमैन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में एआई आधारित सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और कंपनियां विशाल डेटा केंद्रों तथा उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना में निवेश कर रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में एआई केवल एक तकनीकी उत्पाद नहीं रहेगा, बल्कि एक ऐसी आधारभूत डिजिटल सेवा बन सकता है जिसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, उद्योग, अनुसंधान और व्यक्तिगत उत्पादकता सहित अनेक क्षेत्रों में नियमित रूप से किया जाएगा। यदि उपयोग आधारित मॉडल व्यापक रूप से अपनाया जाता है, तो यह एआई उद्योग की आर्थिक संरचना और व्यावसायिक रणनीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। ऑल्टमैन का यह दृष्टिकोण एआई को भविष्य की आवश्यक डिजिटल उपयोगिता के रूप में देखने की सोच को दर्शाता है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-09 14:35:42