India और Cyprus के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार गहरा होता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार हालिया उच्चस्तरीय वार्ताओं और “Strategic Partnership” के ऐलान के बाद दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब Turkey और Pakistan के बीच बढ़ती रणनीतिक और रक्षा साझेदारी क्षेत्रीय भू-राजनीति में नई चर्चा पैदा कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और साइप्रस के बीच रक्षा सहयोग में समुद्री सुरक्षा, रक्षा संवाद, रणनीतिक समन्वय और संभावित तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि साइप्रस भूमध्यसागरीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थिति रखता है और यूरोप तथा पश्चिम एशिया के बीच एक अहम कड़ी माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत हाल के वर्षों में यूरोप, मध्य पूर्व और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने रणनीतिक संबंधों का तेजी से विस्तार कर रहा है। वहीं तुर्की और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग, ड्रोन तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और राजनीतिक समर्थन के बढ़ते स्तर को भारत करीबी नजर से देखता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तुर्की ने पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है, जिससे भारत-तुर्की संबंधों में समय-समय पर तनाव देखने को मिला।
रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि साइप्रस के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि यह व्यापक भू-राजनीतिक संतुलन का हिस्सा भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत अब बहुध्रुवीय कूटनीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नए रणनीतिक साझेदार विकसित करने पर जोर दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग, डिजिटल भुगतान, निवेश और समुद्री संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। हाल ही में भारत और साइप्रस ने संबंधों को “Strategic Partnership” स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति और रक्षा साझेदारियां आने वाले समय में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-05-24 19:22:03